Review : संगीत से जुड़े लोग महसूस कर सकते हैं 'रॉक ऑन 2' से जुड़ाव...

Bollywood Hangover 2016-11-18T11:36:14+01:00 Bollywood


मुंबई: इस बार संगीत के तार छेड़ते नज़र आएंगे फरहान अख्तर, श्रद्धा कपूर, अर्जुन रामपाल, पूरब कोहली, प्राची देसाई, शहाना गोस्वामी, कुमुद मिश्रा और शशांक अरोड़ा... कहानी मैजिक बैंड के तीन सदस्यों की है, जो अपनी-अपनी ज़िन्दगियों में आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन संगीत कहीं पीछे छूट गया है। फरहान अख्तर का किरदार 'आदि' मेघालय जाकर बस चुका है, क्योंकि वह खुद को एक दर्दनाक हादसे का ज़िम्मेदार मानता है और संगीत से दूर रहकर खुद को सज़ा दे रहा है। वैसे, वह मेघालय के उस गांव में किसानों और वहां के बच्चों और अन्य लोगों की ज़िन्दगी का अहम हिस्सा बन चुका है। उधर, बैंड के बाकी सदस्य चाहते हैं कि 'आदि' वापस आए और संगीत की दुनिया से फिर नाता जोड़ ले।

इसके बाद कुछ ऐसा हो जाता है कि आदि को वापस शहर आना पड़ता है और संगीत के सुरों से भी फिर रिश्ता जोड़ना पड़ता है। ऐसा क्या होता है, जो मैजिक बैंड को वापस जोड़ता है और किस बात के पश्चाताप में तप रहा है 'आदि', यह सब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी और अब मैं सीधे चलता हूं फिल्म की खामियों और खूबियों की तरफ।

'रॉक ऑन 2' की सबसे बड़ी कमज़ोरी उसकी स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले हैं, जो एक अच्छी बन सकने वाली कहानी को भटका देते हैं और जिसके चक्कर में फिल्म गति खो देती है। फिल्म कई जगह दिशाहीन भी हो जाती है। यह बिल्कुल उस सब्ज़ी जैसी है, जिसे बनाने के लिए सारी ज़रूरी चीज़ें हैं, लेकिन किसे, कब, कितना, कहां और कैसे डालना चाहिए, वह अहम होता है, क्योंकि सब्ज़ी का स्वाद उसी पर निर्भर करता है। फिल्म की कहानी का आइडिया अच्छा है और साथ ही संगीत की दुनिया को लेकर किस तरह की सोच आज के युवाओं में है या उस पीढ़ी में है, जो हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत पर पली-बढ़ी है। 
 

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