रिलीज हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी फिल्म, शानदार है कहानी

Bollywood Hangover 2019-05-24T10:50:28+01:00 Bollywood

 विवेक ओबेरॉय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी फिल्म 'पीएम नरेंद्र मोदी' आज रिलीज हो गई है ।दो महीने से भी कम टाइम में तैयार हुई यह फिल्म रिलीज तो 11 अप्रैल को होनी थी, लेकिन विपक्षी पार्टियों के विरोध के चलते चुनाव आयोग ने आचार संहिता के दौरान इसकी रिलीज पर रोक लगा दी थी। लोकसभा चुनाव में मोदी की बंपर जीत 23 मई को हुई है, हालांकि फिल्म के निर्माताओं ने पहले से ही अपनी फिल्म के पोस्टरों पर पीएम नरेंद्र मोदी की वापसी की भविष्यवाणी कर दी थी।
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आइए नजर डालते हैं फिल्म की कहानी पर एक नजर: नरेंद्र मोदी के बचपन से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक की कहानी कहती इस फिल्म की कहानी की शुरुआत 2013 की बीजेपी की उस बैठक से होती है, जिसमें नरेंद्र मोदी (विवेक ओबेरॉय) को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया जाता है। उसके बाद फिल्म फ्लैशबैक में चली जाती है, जब मोदी रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे। 

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मोदी के पिता चाय की दुकान करते थे, तो मां घरों में बर्तन मांजती थीं। थोड़ा बड़ा होने पर नरेंद्र ने अपने घरवालों से संन्यासी बनने की इजाजत मांगी, तो घरवालों ने उन्हें शादी के बंधन में बांधने की सोची, लेकिन नरेंद्र ने शादी से पहले ही घर छोड़ दिया। हिमालय की चोटियों में अपने जीवन का उद्देश्य तलाशने के बाद नरेंद्र ने बतौर आरएसएस वर्कर गुजरात वापसी की और उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

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रिव्यू: मोदी ने किस तरह गुजरात के सीएम से लेकर भारत के पीएम तक की गद्दी हासिल की? यह जानने के लिए आपको सिनेमाघर जाना होगा। खासकर फिल्म में मोदी से जुड़े चाय बेचने वाला, शादी, गुजरात दंगे और उनकी जिंदगी से जुड़े तमाम दूसरे सवालों का जवाब देने की कोशिश की गई है। वहीं फिल्म मोदी की जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं से भी रूबरू कराती है। फिल्म को सत्य घटनाओं से प्रेरित बताया गया है, लेकिन विवादों से बचने के लिए शुरुआत में लंबा-चौड़ा डिस्क्लेमर दिया गया है। 

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फिल्म की कहानी इसके क्रिएटिव प्रड्यूसर संदीप सिंह ने लिखी है, तो स्क्रीनप्ले और डायलॉग्स राइटिंग में विवेक ओबेरॉय को भी क्रेडिट मिला है। महज सवा दो घंटे में मोदी की कहानी को सधे हुए अंदाज में समेटा गया है। फर्स्ट हाफ में फिल्म की कहानी मोदी के बचपन से लेकर गुजरात दंगों तक जाती है, तो सेकंड हाफ में उनके भारत के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर दिखाया गया है। फिल्म के कुछेक डॉक्युमेंट्री जैसे सीन्स को छोड़ दें, तो पूरी फिल्म आपको बांधकर रखती है। 'मैरी कॉम' और 'सरबजीत जैसी बायॉग्रफी फिल्में बना चुके डायरेक्टर उमंग कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी पर बढ़िया फिल्म बनाई है। वहीं विवेक ओबेरॉय ने भी मोदी के रोल में अच्छी ऐक्टिंग की है।
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अल सुबह 2 बजे उठकर प्रोस्थेटिक मेकअप कराने वाले विवेक काफी हद तक मोदी का लुक अपनाने में कामयाब हुए हैं, तो उन्होंने मोदी की आवाज भी कॉपी करने की पूरी कोशिश की है। वहीं अमित शाह के रोल में मनोज जोशी भी जंचे हैं। फिल्म के डायलॉग जोरदार हैं, तो स्क्रीनप्ले और स्क्रिप्ट भी कसी हुई है। फिल्म की लोकेशंस खूबसूरत बन पड़ी हैं। खासकर हिमालय में फिल्माए गए सींस की सिनेमैटॉग्राफी जबर्दस्त है। फिल्म का संगीत कहानी को गति देता है, तो बैकग्राउंड स्कोर भी अच्छा है। 
 

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